हनुमान मंत्र साधना एवं सिद्धि फॉर सक्सेस

हनुमान प्रभु की साधना करना अत्यंत ही सुगम और सरल है | हां, इस बात का ध्यान अवश्य रखें साधक कि हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी माना जाता है | अत: इनकी साधना के समय ब्रह्मचर्य व्रत का पालन अवश्य करना चाहिए | किसी भी प्रकार की समस्या हो या कोई भी परेशानी हो तो हनुमान जी के शरणागत होने से सभी समस्याओं का समाधान अपने आप ही हो जाता है | हनुमान जी की उपासना को अगर भक्ति भाव, श्रद्धा, सात्विकता और समर्पण की भावना से किया जाए तो साधक बजरंगबली का कृपापात्र बन जाता है | आज हम अपने पाठकों / साधकों के लिए “हनुमान मंत्र साधना एवं सिद्धि”के कुछ मंत्र व उपाय लेकर आए हैं ,जिन्हें अपनाने से साधक नि:सन्देह हनुमानजी की कृपा का पात्र बनेगा | हनुमान मंत्र साधना एवं सिद्धि के यह उपाय निम्नलिखित हैं –

हनुमान मंत्र साधना एवं सिद्धि फॉर सक्सेस
हनुमान मंत्र साधना एवं सिद्धि फॉर सक्सेस

१)  राम भक्त हनुमान जी को भगवान श्री राम की सेवा अर्चना करने वाले भक्त बहुत पसंद है | अतः रामायण के पाठ का प्रयोग नित्य करें | आप पर प्रभु की कृपा बरसेगी हमेशा |

२) अगर आप सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं और तमाम कोशिशों के उपरांत भी सफल नहीं हो पा रहे हैं तो आप हनुमान जी के हनुमान मंत्र फॉर गवर्नमेंट जॉब अपनाएं | ये मंत्र हैं —

क) “”ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगाय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा “

ख) ”ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय  अमित विक्रमाय प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटीसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा “

ग) ”ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय व्रजदेहाय  वज्रनखाय व्रजसुखाय व्रजरोम्णे  व्रजनेत्राय व्रजदंताय व्रजकराय व्रजभक्ताय रामदूताय स्वाहा “

इन सभी मंत्रों में से किसी भी एक का जाप सर्वदा शुद्ध होकर और शुभ भाव से बजरंगबली की मूर्ति के समक्ष बैठकर करें | प्रतिदिन तीन अथवा सात माला का जाप करें | जाप लगातार ४१ दिन तक करना चाहिए | जाप के समय दीपक जलाएं घी का |

३) नीचे दिए गए हनुमान जी के बीज मंत्र, जो अत्यंत ही चमत्कारी है, का नित्य नियम से पाठ करने से हनुमान जी अवश्य ही प्रसन्न होकर कृपा करेंगे | इस मंत्र को प्रारंभ करने के लिए शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले पहले मंगलवार का चयन करें | इस दिन एक लाल रंग का आसन लेकर उस पर बैठ जाएं | अपने सामने हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर एक चौकी के ऊपर लाल कपड़ा बिछाकर रखें | हनुमान जी को धूप दीप से पूज कर मंत्र जाप आरंभ करें | मंत्र जाप बिना किसी नागा के ४० दिनों तक लगातार करें | हर दिन जाप संख्या होनी चाहिए ११ माला | जाप के लिए मूंगे अथवा चंदन की माला का व्यवहार करें | यह मंत्र हैं –

क) “ओम हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट”

ख) ”ओ़म पवन नंदनाय स्वाहा”

ग) “ओम हुँ हुँ हनुमतये स्वाहा”

४)  हनुमान मंत्र फॉर सक्सेस

क) “ विश्व भरण पोषण कर जोई,

ताकर नाम भरत अस होई “

ख) “कवन सो काज कठिन जग माही,

जो नहीं होय तात तुम पाही “

दोनों चौपाई में से कोई भी एक चौपाई पाठ के रूप में अपना सकते हैं | शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले मंगलवार के दिन आप दक्षिणमुखी हनुमान जी के मंदिर जाएं | वहां पर उन्हें चमेली का तेल, सिंदूर, चांदी वाला वर्क, चोला, मौली, बेसन के लड्डू अर्पित करें | धूप और दीप जलाएं | उसके बाद मूर्ति की परिक्रमा करें १०८ बार | इस वक्त ऊपर लिखित चौपाई को पढ़ते हुए परिक्रमा दें | इसके बाद ४० दिनों तक लगातार उसी चौपाई का जाप करें १० माला प्रतिदिन | जाप के वक्त लाल आसन का व्यवहार करे और मूंगे अथवा चंदन की माला प्रयोग में रखें | मंगलवार के दिन उपवास करे | ब्रह्मचर्य का पालन करे |

ग) “ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रु  संहारणाम,

सर्वरोग हराया सर्व वशीकरण रामदूताय स्वाहा” |

घ) “ओम नमो भगवते हनुमानदाख्यात रुद्राय सर्वदुष्ट जन “.. उपरोक्त मंत्रों​ का जाप हनुमान मंदिर में जाकर उनकी पूजा करने के बाद प्रतिदिन करें | लाल रंग का आसन और लाल रंग के हकीक की माला का प्रयोग करें | मंदिर के जगह आप चाहे तो पारद के हनुमान जी की मूर्ति के आगे भी जाप कर सकते हैं |

५) हनुमान शाबर मंत्र फॉर जॉब / मनी

क) “ओम नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वन्गारेय सजे मोढ़े आन खड़ा |”

ख) “ओम नमो बजर का कोठा, जिस पर पिंड हमारा पेठा | ईश्वर कुंजी ब्रह्म का ताला, हमारे आठो आमो का जती हनुमंत रखवाला ||”.. हनुमान जी के इन शाबर मंत्र का जाप किसी योग्य जानकार साधु /पंडित/ज्योतिष से ही कराना उचित होगा |

६) इसके अलावा बजरंगबली के और भी कई सिद्ध मन्त्र हैं जिनका प्रयोग कभी निष्फल नहीं होता | ये मन्त्र हैं —

क ) “अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्

सकल गुण विधानम् वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि”.

सुंदरकांड में दिए गए  इस  श्लोक का प्रतिदिन  ७/११/२१ बार पाठ करने से  सारी मनोकामनाएं  पूर्ण होती है |

ख)  इसके अलावा हनुमान चालीसा का पाठ भी काफी प्रभावशाली सिद्ध होता है | इसे आप प्रतिदिन ११ बार करें और अगर समस्या कठिन हो तो प्रतिदिन इसकी संख्या बढ़ाकर १०८ कर दें | सामने राम-सीता की  मूर्ति अथवा हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति रखे | प्रभु की पूजा कर दीपक जलाएं , प्रसाद चढ़ाए | इसके बाद ही पाठ आरंभ करें | अगर संभव हो तो किसी शिवजी या हनुमान जी के मंदिर में  यह कार्य करें | पाठ के समाप्ति के बाद प्रसाद खुद ग्रहण करें एवं सभी में बांट दे |

ग) “ओम ह्वीं यं ह्वीं राम-दूताय,

रिपु-पूरी-दहनाय अक्ष-कुक्षी-विदारणाय,

अपरिमित-बल-पराक्रमाय,

रावण-गिरि-वज्रायुधाय ह्वीं स्वाहा “ .. इस मंत्र को बृहस्पतिवार के दिन आरंभ करें | लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें | खुद भी लाल आसन पर बैठे और  हनुमान जी की पूजा करें | अब इस मंत्र को १०००० बार जाप करे |

घ) “ओम नम हनुमते आंजनेयाय महाबलाय नमः |”

ड•) “ॐ आंजनेयाय महाबलाय हुम फट् “

हनुमान मंत्र साधना एवं सिद्धि इन सभी मंत्रों में से किसी भी मंत्र का जाप पूर्ण विधि विधान से प्रतिदिन अगर १०८ बार किया जाता है तो साधक की हर मनोकामना की पूर्ति होती है | लेकिन, यह सर्वदा ध्यान देने योग्य बात है कि किसी भी मंत्रों का व्यवहार किसी बुरे भाव से ना किया जाए अन्यथा प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है |

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