स्वप्न सिद्धि साधना मंत्र

स्वप्न सिद्धि मंत्र, शिव स्वप्न तंत्र साधना, स्वप्नेश्वरी देवी साधना – स्वप्न सिद्धि साधना आखिर होती  क्या है!! ये सवाल यकीनन आपके दिमाग मे भी घूम रहा होगा। स्वप्न सिद्धि शब्द से तो ये साफ है की बात सपनों की की जा रही है। तो बताते है आपको की तंत्र विज्ञान के अनुसार ऐसा माना गया है कि इस विधि के अंतर्गत व्यक्ति एक कागज़ पर अपनी किसी भी समस्या को लिखकर उस कागज़ को सिरहाने रखकर सोये तो सपने मे उसे उसका समाधान मिल जाता है, ऐसा तभी होता है जब आप स्वप्न सिद्धि साधना को सफलतापूर्वक कर पाते है। ये बात बेशक अजीब लगे पर स्वप्न सिद्धि साधना का सिद्धांत बेहद पुराना है, जिसको करने के लिए कई उपाय, साधना विधि व मंत्र आदि इस्तेमाल किए जाते है।

स्वप्न सिद्धि साधना मंत्र
स्वप्न सिद्धि साधना मंत्र

तो हम आपको वो पहला मंत्र बताते है जिसकी मदद से आप इस साधना को कर सकते है। हमारे शास्त्रों मे स्वप्नेश्वरी देवी साधना की विधि बताई गई है, जिसके लिए आपको नहा-धोकर सफ़ेद रंग के साफ-सुथरे वस्त्र पहनने होंगे, फिर एक सफ़ेद कागज़ पर अपने सवाल को लिख दे। आपकी लेखनी साफ होनी चाहिए। इसके बाद साय काल फिर से नहाकर साफ कपड़े पहन ले और श्रेष्ठ कुशा के आसन पर बैठ जाये, फिर स्वप्नेश्वरी देवी का ध्यान करे। ध्यान करते हुए आपको इस मंत्र का जप करना होगा: “स्वप्नेश्वरी नमस्तुभ्यं फलाय वरदाय च जप तब तक करे जब तक नीद न आ जाये। ये प्रक्रिया आप तब करे जब लगे की आप किसी दुविधा मे फस गए है और सही निर्णय नहीं ले पा रहे हो। विधि करने के बाद नीद आने पर उस कागज़ को सिरहाने रख कर सो जाये, तो स्वप्न मे आपको उसका उत्तर मिल जाएगा।

इसी प्रकार स्वप्न सिद्धि को करने का एक मंत्र भी है, मंत्र: “ॐ नमो चक्रेश्वरी चिंतित कार्य कारिणी मम स्वप्ने शुभा शुभम कथय कथय दर्शय दर्शय स्वाहा!” इस विधि को आप किसी दिन भी कर सकते है। बताए गए मंत्र का 1100 बार जप करना होगा, जिसके लिए आप किसी भी माला का प्रयोग कर सकते है। 21 दिनों तक ये साधना करने के बाद 22 वे दिन आप किसी कवारी कन्या को भोजन खिलाकर, दान दे। ध्यान दे की साधना करते हुए आपको देवी से प्राथना करनी होती है की वो आकर आपको स्वप्न मे दर्शन दे और आपको साधना सिद्ध करे। इस साधना को इस प्रकार आप सिद्ध करके परिणाम देख पाएंगे।

स्वप्न सिद्धि साधना को करने की और विधि है, जिसके लिए आपको ये मंत्र जाप करना होगा, मंत्र: ऊँ नमः स्वप्न चक्रेश्वरी, स्वप्ने अवतर -अवतर गतं, वर्तमानम् कथय-कथय स्वाहा। इस साधना को आप किसी भी सोमवार के रात को कर सकते है। ध्यान ये दे की जिस कमरे मे आप इस विधि को करे वो एकांत मे हो, फिर उस कमरे मे सफाई करके फर्श पर गोबर का चौका बनाए और देशी घी का दीपक जला ले। इसी के साथ आपको साधना के समय सफेद फूल चढ़ाए व धूप से पूजा करे, साथ मे नैवेद्य में बताशे रख दे। फिर ऊपर बताए गए मंत्र का 21 माला जाप करे। ये विधि आपको 61 दिन करनी होती है और जप पूरा हो जाने के बाद ज्योत की भस्म को माथे पर लगाकर वहीं कंबल बिछाकर सो जाएं। आखिरी के दिन 1100 बार मंत्र जप करके हवन भी करे व साधना के पूरे समय साधक को फलाहार ही लेना होता है। साधना के बाद आप अपने किसी भी सवाल का जवाब पाने के लिए सोमवार के दिन उसी तरह दीपक जला कर व अगरबत्ती दिखाकर 101 बार मंत्र का जप करके, उस प्रश्न को मन में कहकर सो जाएं। माना गया है की इसके बाद खुद स्वप्नेश्वरी देवी सपने मे आकार उस सवाल का उत्तर देती है।

यही नहीं हम आपको शिव स्वप्न तंत्र साधना भी बताते है, जिसके लिए स्वय भगवान शिव की आराधना करते हुए उनके भोलेनाथ स्वप्नेश्वर स्वरूप का दर्शन किया जा सकता है। इस साधना के लिए मंत्र है:  ऊँ नमो त्रिनेत्राय पिंगलाय महात्मने वामाय विश्वरूपाय स्वप्नाधिपत्ये नमः,

मम स्वप्ने कथ्यमे तथ्यम सर्व कार्य स्वशेषतः त्रिया सिद्धि विद्या तत् प्रसादानो महेश्वरे। साधना की शुरवात आप सोमवार को आधी रात से कर सकते है। नहाने के बाद, उत्तर दिशा की ओर मुख करे, फिर

1100 बार बताए मंत्र का जप करे। मंत्र जप रुद्राक्ष की माला से ही करे। माना गया है की इस साधना को बृहस्पति देव की पूजा के बाद शुरू किया जाता है। फिर भगवान शिव को साक्षी मानकर साधना की जाती है। 11 दिनों तक इस विधि को करना होता है, फिर 12वे दिन हवन भी करना होता है। तभी ये विधि सिद्ध हो पाएँगी। एक बाद साधना सिद्ध हो जाये तो आप अपनी किसी भी दुविधा व सवाल का उत्तर पूछने से पहले उस दिन बस 101 बार मंत्र का जप करले। ऐसा करने से आपको उस सवाल का  जवाब मिल जाता  है।

ऊपर बताई गई बातों व उपाय से यकीनन आपको अंदाज़ा लग गया होगा की ये स्वप्न सिद्धि मंत्र व साधना किस प्रकार आपकी मदद कर सकते है। कई बार व्यक्ति के जीवन मे वो पल आ जाता है जब वो दुविधा मे फसा होता है। इस स्वप्न सिद्धि साधना के बारे मे कहा भी गया है कि कई बार इंसान सही निर्णय नहीं ले पता-चाहे वो किसी भी मुद्दे से जुड़ा सवाल हो। हर वक़्त असमंजस रहता है कि ये रास्ता अपनाए या वो रास्ता, पर सही जवाब नहीं मिलता। डर रहता है की कोई निर्णय करने से उसका कोई गलत प्रभाव तो नहीं पड़ेगा। ऐसे मे यकीनन ऊपर बताए मंत्र व साधना विधि आपकी मदद करते हुए सही मार्ग दिखाएंगे व आपको सारी दुविधाये भी दूर हो जाएंगी।

 

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