लाल किताब रेमेडी फॉर लव बैक

ज्योतिष पर आधारित एक अद्भुत पुस्तक है ‘लाल किताब’। इसकी रचना कब हुई, इसके रचयिता कौन हैं आदि अज्ञात है। वैसे इतना अवश्य ज्ञात है कि इस यह पुस्तक अपने मूल रूप में उर्दू और फारसी में लिखा गया था। 1939 से लेकर 1952 के बीच पंजाब के जालंधर निवासी पं रूप चंद जोशी ने इसके पांच खंडों को पुनः प्रकाशित करवाया। जो अलग-अलग नामों से है। इसका हर हिस्सा अपने आप में सम्पूर्ण है। इन पांचों खंडांे में जीवन की ऐसी कोई समस्या नहंी जिसका समाधान न दिया गया हो। रूप चंद जोशी ने फारसी और उर्दू की भाषा को सरल हिन्दी में कर दिया। परिणामस्वरूप इसकी ख्याति हिन्दी भाषी क्षेत्रों में भी खूब फैली।

लाल किताब रेमेडी फॉर लव बैक
लाल किताब रेमेडी फॉर लव बैक

लाल किताब रेमेडी फॉर सक्सेस इन स्टॉक मार्केट

ठन दिनों स्टाक मार्केट में पैसा लगाने का चलन बढ़ता जा रहा है। इसमें कुछ लोग जल्द ही अमीर बन जाते हैं जबकि कुछ लोग मिनटों मंे कंगाल। दरअसल स्टाॅक मार्केट का खेल गहरी सूझ बूझ का है और इसमंे सफलता काफी हद तक भाग्य भरोसे होती है। कैलकुलेशन कब पलट जाए कोई नहीं कह सकता। लाल किताब में इस तरह के व्यवसाय में आने वाली समस्या के बारे में भी निदान दिया गया है। वैसे यह भी सच है कि जिस जमाने में इसे लिखा गया होगा उस समय स्टाॅक मार्केट नहीं होते होंगे। तथापि कुछ जानकारों ने इस जैसे व्यवसायों की समस्या हेतु दिए गए निदानों की सूची स्टाॅक मार्केट में आ रही दिक्कतों के लिए भी प्रयोग करते हैं जिसका काफी असर देखा गया।

1 गाय और बकरी को हरी-हरी घास खिलाएं।

2  गरीब और जरूरतमंदों को हरी वस्तुएं दान करें।

3 चिड़ियों को दानें डालें, गर्मी में जब पानी की कमी हो जाती है, एक सिकोरे में उनके लिए पानी रखें।

4 किसी ताबंे से बनी वस्तु धारण करें। जैसे अंगूठी या कान के कुंडल आदि।

5 बकरियांे का दान करें।

6 स्टाक मार्केट का व्यवसाय करने वाले हमेशा चांदी के गिलास में ही पानी पीएं।

7   चमडे़ से निर्मित पर्स का उपयोग कभी भी नहीं करना चाहिए न इसमें पैसा रखना चाहिए।

8 दिन ढल जाने के बाद यानि सूरज डूब जाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिए।

9 चांदी का एक चेन लें उसमें चांदी की गोली लाॅकेट की तरह डालें और सोमवार के दिन अच्छा मुहूर्त देख कर पहल लें।

लाल किताब रेमेडीज फॉर मैरिज प्रोब्लेम्स

कई बार वैवाहिक जीवन में तुफान सा आ जाता है। शादी के बाद जीवनसाथी के साथ तालमेल न होना, विवाहेतर संबंध, जीवनसाथी का कटु व्यवहार आदि की वजह से जीवन की खुशियों को मानों ग्रहण लग जाता है। लाल किताब में इन समस्याओं के बारे में विस्तार से उपाय बताएं गए हैं। इनमे कुछ प्रमुख उपाय इस प्रकार है. .

1 यदि पति के खराब व्यवहार के कारण जीवन दुखमय हो तो शुक्ल पक्ष में एक प्रयोग करें। इस दिन एक पान के पत्ते के पर केसर और चंदन का चूर्ण मिलाकर रखें। पुनः चण्डी स्तोत्र का पाठ 43 दिनों तक करें। प्रति दिन पाठ के बाद केसर और चंदन का टीका अपने मस्तक पर करें और पति के सम्मुख जाएं। पाठ से पहले प्रत्येक दिन नया पत्ता रखें और पुराने पत्तों को एक स्थान पर एकत्र करके रखें। जब पाठ समाप्त हो जाए साफ बहते हुए जल में उन्हें बहा दें। ऐसा करने से पति का व्यवहार बदल जाएगा।

2 लाल किताब के अनुसार मंगल दोष के कारण वैवाहिक जीवन अशांत होता है। यदि कुण्डली में मंगल दोष हो तो शादी के दिन भोजन पकाने के लिए तंदूर या भटटी जमीन खोदकर नहीं बनाना चाहिए। मिट्टी का खाली बर्तन बहते हुए पानी में बहा देना चाहिए। अगर लड़की के आठवें भाव में मंगल हो तो रोटी बनाते समय तवे पर पानी का छींटा मारना चाहिए।

3 लाल किताब की मान्यता के अनुसार अगर शुक्र नीच भाव में हो तो व्यक्ति को पच्चीस की आयु से पहले शादी नहीं करनी चाहिए। अगर सूर्य और शुक्र के योग हो तो पर स्त्री से समागम नहीं करना चाहिए, कान छिदवा कर रखना चाहिए। वैवाहिक जीवन खुशहाल बनाने के लिए अपने लाइफ पार्टनर खुश्बूदार फूल भेंट में देना चाहिए। घर के आस पास कांटेदार पौधे नहीं होना चाहिए अगर हो गए हों तो उनको पानी कभी नहीं डालना चाहिए। इसके अलावा पलंग के चारों पायों पर चांदी की कील ठुकवा देना चाहिए।

4 यदि पति पत्नी में वैचारिक मतभेद हो तो शुक्र से छठे खाने का उपाय लाभप्रद होता है।

5 अगर पति पत्नी में अलगाव हो गया हो तोओम श्रीम हृम पूर्ण गृहस्थ सुख सिद्वये श्रीम ओम नमः’ मंत्र का जाप निरंतर करना चाहिए।

6 महीने के पहले गुरूवार को चैराहे पर या मंदिर के निकट लगे पीपल का पेड़ के नीचे शाम को देसी घी का दीपक जला दें। चंदन की अगरबत्ती ताजा पीपल का पत्ता तोड़ लें। उस पर तीन तरह की मिठाई रखें। फिर वृहस्पति से समस्या दूर करने की प्रार्थना करें।

लाल किताब के ये टोटके पुराने जमाने से चले आ रहे हैं। कई लोग इसके हमेशा के लिए मुरीद बन जाते हैं तो कई कहते हैं कोई फायदा नहीं हुआ। दरअसल कई समस्या बहुत छोटी है जिसके लिए किसी टोटके की जरूरत होती ही नहीं है। ऐसी समस्याओं का हल हम अपनी सूझ बूझ से निकाल सकते हैं। टोटकों की शरण में तब जाना चाहिए जब कोई उपाय शेष न बचे। और कोई भी उपाय करने से पूर्व उस पर सम्पूर्ण आस्थ, स्वयं पर आत्मविश्वास अति आवश्यक है। हर बात को तार्किक दृष्टि से देखने वालों की आस्था क्षीण होती है इसलिए उन्हें प्रायः ऐसे उपाय का प्रतिफल नहीं मिलता है।

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